Abhinav-e-Dastan
खुशबू-सी महक, खुशियां-सी चमक लाए हैं,
पके स्वागत में दिल से फूल बिछाए हैं।
वेब की इस दुनिया में कदम रखिए, जनाब,
यहाँ हर राह पर अपनापन ही पाए हैं।
अभिनव अग्रवाल के साथ नई शुरुआत करें,
हर सवाल का यहाँ जवाब साकार करें।
आपका स्वागत है दिल से इस जहां में,
सपनों को सच करें, इस खूबसूरत मकाम में।
इस सफर में हर पल खास बन जाएगा,
आपका हर विचार यहाँ गूंज उठ जाएगा।
तो दिल से आपका स्वागत है इस जगह पर,
जहाँ हर खुशी आपके साथ हो सदा भर।
Welcome to Abhi Shayari Book!
आइना भी फना हैं उनकी आँखों का ,
आइना भी फना हैं उनकी आँखों का ,
ज़माना भी कायल हैं इनकी अदाओं का |
सिर्फ एक तरफ से निगाहें क्या बचोगी ,
ये बंदा भी परवाना हैं उनका |
हर गलियाँ हमने देखी है ,
हर गलियाँ हमने देखी है ,
हर इश्क के परिंदे हमने छोड़े हैं |
आपकी गलियाँ अलग है ,
पर हमने अंदर इश्क के परिंदे देखे हैं |
जिंदगी बस यू है की ,
जिंदगी बस यू है की ,
हमपे भरोसा करना छोड़ दिया ,
हमको साथ ले जाना चोद दिया ,
कभी यू आलम था कि 100 लोग पूछते हैं ,
आज तो खुदा ने भी साथ निभाना छोड़ दिया |
आशियाना बसा आँखो में,
आशियाना बसा आँखो में,
इसरत आपसे मांगते हैं |
आपकी क्या बात करें,
फ़ना तो हम आपे हो जाते हैं |
आप शौकीन सी अदा रखती हैं,
आप शौकीन सी अदा रखती हैं,
मासूम निगाहें रखती है,
सौ चांद वाली सूरत रखती है,
और हम आपको इज़हार करने की आरज़ू रखते हैं |
आप शौकत अजीज रखती हैं,
आप शौकत अजीज रखती हैं,
तबियत मालुम रखति है,
हम ईद रोज देते हैं,
ईद वाले चांद दीदार हम रोज करते हैं |
पहला इश्क आखिरी सा लगता है ,
पहला इश्क आखिरी सा लगता है ,
उसकी आँखों का नशा अच्छा लगता है ,
हर नशा मुझे उसकी याद दिलाता है ,
हर याद मेरी वो बस्ती है ,
आज भी सेहरा मुझको उसका चेहरा याद दिलाता है |
वो आस पास है सांसों जरा आहिस्ता चलो,
वो आस पास है सांसों जरा आहिस्ता चलो,
कहीं मेरी आँखों से ओझल ना हो जाए धड़कनो के चलते|
मैं हर रोज कुछ नया काम करता हूँ,
मैं हर रोज कुछ नया काम करता हूँ,
तुमको रोज़ नये मज़हर में याद करता हूँ
जिस दिन तुमको भुलाने की शर्त लगाई थी,
उस दिन मैं तुमको याद करता हूँ |
आइना भी फन्ना है उनकी आँखों का ,
आइना भी फन्ना है उनकी आँखों का ,
ज़माना भी कायल है इनकी अदाओं का ,
सिर्फ एक तरफ निगाहे क्या बचोगी ,
ये ज़माना भी परवाना है उनका |
प्यार हुआ एक बार चौबारे क्या याद करे,
प्यार हुआ एक बार चौबारे क्या याद करे,
झील तो देखी हमने लेकिन परिंदे कौन याद करे |
हाथ थमा दिया है हाथो में
हाथ थमा दिया है हाथो में
अब तो दिल का रिश्ता खोल दो
प्यार है दिल में
अब तो मुँह से बोल दो
लबों की गर्मी में, सर्द रातों का खुमार हो,
लबों की गर्मी में, सर्द रातों का खुमार हो,
तेरे स्पर्श से, मेरा हर अहसास बेकरार हो।
तेरी खुशबू में घुल जाऊं जैसे हवा में चाँदनी,
तेरे करीब आने से, हर लम्हा बेमिसाल हो
लोगो ने कहा क्यू देखते हो रात में चाँद सितारे इस तरह
लोगो ने कहा क्यू देखते हो रात में चाँद सितारे इस तरह,
लोग कहते रहे क्यू देखते हो रात में चाँद सितारे इस तरह |
उनको क्या बताओ कि चाँद से उनका चेहरा ,
और सितारे से उनका झुमका नज़र आता है |
अजब सा सुरूर है तुम्हारी इन आँखों में
अजब सा सुरूर है तुम्हारी इन आँखों में,
अजब सा सुरूर है तुम्हारी इन आँखों में,
ना जाने हम खो भी जाते हैं और मर भी जाते हैं ,
तुम्हारी एक निगाह में|
हम रोते रहे अंधे गलियारे में,
हम रोते रहे अँधेरे गलियारे में,
लोग दीवाली का जश्न मनाते रहे।
चिराग उनका हर कोने को रौशन करे,
हमारे दिल के अंधेरे जगाते रहे।
सितारे भी शायद शिकायत करें,
जो सपने हमारे वो तोड़ते रहे।
खुशी के गीत सब गाते रहे,
हम तन्हा खुद से बातें करते रहे।
फिर एक शमा हमने भी जलाई,
अपने ग़म के साये मिटाने को।
और देखा, कि अंधेरों के पीछे,
है सुबह एक नई, मुस्कुराने को।
आंखों में थी हमारी नमी,
आंखों में थी हमारी नमी,
पूरी करदी उनके होठों ने वो कामी |
सजदे में झुके थे हम उस घड़ी,
जब उनकी हंसी से बंधी हर खुशी।
उसको रास्ते में देखा, तो मुस्कुरा दिया देख कर,
उसको रास्ते में देखा, तो मुस्कुरा दिया देख कर,
दिल के अरमान सज गए, एक पल में सब सहकर।
आँखों में वो बात थी, जो लफ्जों में ना हो बयां,
खुदा की एक तस्वीर थी, जो मिला मुझे चल कर।
उनकी आँखों में बसी हुई तस्वीर, आँसुओं से धो रहा हूँ,
उनकी आँखों में बसी हुई तस्वीर, आँसुओं से धो रहा हूँ,
दिल के ग़म को हर घड़ी, खुद से छुपा रहा हूँ।
वो जो राहें जुदा हुईं, उनके ख्वाब भी बिछड़ गए,
मैं सिर्फ़ यादों के सहारे, ज़िंदगी को जिया रहा हूँ।
तेरे नज़दीक आने की ख्वाहिश है मेरी,
तेरे नज़दीक आने की ख्वाहिश है मेरी,
हर सांस में बसी एक फरमाइश है मेरी।
ज़ुबान से न कहूं, मगर एहसास समझ ले,
तेरे होठों पे रखी एक गुफ़्तगू है मेरी।
दिलकशी का नूर है तेरे चेहरे पे बेमिसाल,
दिलकशी का नूर है तेरे चेहरे पे बेमिसाल,
उन्स का जादू है जो दिल को करे बयां हाल।
खामोशी में भी तेरे लफ़्ज़ों की खुशबू,
हर सांस में बसी है तेरी चाहत की आरज़ू।
आँखों से जो बातें करे, वो सिर्फ़ तुम हो,
दिल के हर कोने में जो उतरे, वो सिर्फ़ तुम हो।
दिलकशी से घायल है ये शायर का क़लम,
उन्स से भर गया है मोहब्बत का हर आलम।
चाहा था तुझे दिल की गहराइयों से,
पर खामोशियाँ ही मेरी सच्चाई बन गईं,
चाहा था तुझे दिल की गहराइयों से, पर खामोशियाँ ही मेरी सच्चाई बन गईं,
तेरी हँसी की रौशनी में, मेरी रातों की तन्हाई छुप गईं।
मुझे तेरा साथ न मिला, तो क्या हुआ,
तेरे ख्वाबों से ही मेरी दुनिया सज गई।
खुशबू बनके आपकी महफिल में आए हैं,
खुशबू बनके आपकी महफिल में आए हैं,
दिल के अरमान सभी अपने साथ लाए हैं।
चमकेगा आज यह शाम का हर सितारा,
आपकी मुस्कान से रोशनी लाए हैं।
स्वागत है आपका इस महफिल-ए-खास में,
आपकी मौजूदगी से बढ़ी रौनक हर सांस में।
दुआ है हमारी, ये पल यादगार बन जाए,
आपके साथ हर खुशी दिल को छू जाए।
बीत जाएगा ये साल भी, उसकी याद में,
बीत जाएगा ये साल भी, उसकी याद में,
रातों के चांद से दोस्ती, और ख्वाबों का गहरा पेन।
दिल के कोने में बस एक नाम है छुपा,
जो हर नई सुबह के साथ, फिर ज़िंदा हो उठा।
ज़िंदगी के हर मोड़ पे बस एक सवाल है,
क्या उसके बिना भी ये साल खुशहाल है?
लेकिन ये अरमान है कि दूरी भी मिट जाएगी,
अगला साल शायद उसके साथ बित जाएगी।